बिलासपुर :— सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा को लेकर बिलासपुर में तैयारियां जोरों पर हैं। एशिया के सबसे बड़े स्थायी छठ घाट के रूप में विख्यात अरपा नदी तट इन दिनों भक्ति और भव्यता से जगमगा रहा है। इस शानदार आयोजन का श्रेय पाटलिपुत्र सांस्कृतिक विकास मंच और इसके संरक्षक प्रवीण झा को जाता है।
**पत्रकारों ने लिया तैयारियों का जायजा**
छत्तीसगढ़ सद्भाव पत्रकार संघ के पदाधिकारी अंबिकापुर से बिलासपुर के छठ घाट पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया। वरिष्ठ पत्रकार आफताब आलम, इजहार खान, संतोष मिश्रा और ध्रुव चंद्रा ने घाट की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक तैयारियों का निरीक्षण किया।
**एशिया का सबसे बड़ा छठ घाट**
अरपा नदी तट पर बना यह घाट न केवल एशिया का सबसे बड़ा और व्यवस्थित स्थायी छठ घाट है, बल्कि स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधाओं के लिहाज से देशभर में एक मिसाल है। यहां एक साथ 50 हजार से अधिक श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर सकते हैं।
**आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक**
बिलासपुर का यह छठ घाट न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक भी है। इस बार भी छठ पर्व के दौरान यहां हजारों दीपों की रोशनी, अरपा नदी का पवित्र जल और “छठ मइया की जय” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
बिलासपुर का यह छठ घाट आस्था, स्वच्छता और समर्पण का अनूठा संगम बनकर पूरे भारत का गौरव बढ़ा रहा है।

