जैजैपुर मनरेगा प्रभार विवाद: तकनीकी सहायक को कार्यक्रम अधिकारी बनाने पर बवाल, मूल अधिकारी ने आत्महत्या की धमकी

सक्ती/जैजैपुर :— जनपद पंचायत जैजैपुर (जिला सक्ती) में तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) वर्षा रानी चिकंजुरी द्वारा मनमानापूर्ण तरीके से मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी (पीओ) का प्रभार एक कनिष्ठ कर्मचारी को सौंपने का गंभीर मामला सामने आया है।
दरअसल, तत्कालीन सीईओ वर्षा रानी चिकंजुरी पर आरोप है कि उन्होंने तकनीकी सहायक आशीष सिंह बैस को कार्यक्रम अधिकारी का प्रभार दे दिया, जबकि मूल कार्यक्रम अधिकारी चंद्रशेखर सूर्यवंशी को लगभग तीन साल से उनके पद से हटा दिया गया है। सूर्यवंशी का आरोप है कि कनिष्ठ तकनीकी सहायक (लेवल 8) को वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी (लेवल 10) का प्रशासनिक और वित्तीय प्रभार देना स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है, जिसे अनदेखा किया गया।
पीड़ित कार्यक्रम अधिकारी सूर्यवंशी ने इस मनमानी और पद के दुरुपयोग को लेकर कलेक्टर, जिला पंचायत और जनपद पंचायत को 17 से अधिक आवेदन दिए हैं, लेकिन उच्च अधिकारियों ने इस मामले को जनपद पंचायत का बताकर टाल दिया है। सूर्यवंशी का दावा है कि तत्कालीन सीईओ ने स्वयं लाभ और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मामले को जानबूझकर तीन साल तक लटकाए रखा।
न्याय न मिलने पर चंद्रशेखर सूर्यवंशी ने पुलिस अधीक्षक सक्ती को लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने तत्कालीन सीईओ वर्षा रानी चिकंजुरी, सहायक प्रोग्रामर अखिलेश चंद्रा, और तकनीकी सहायक आशीष सिंह बैस पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है। सबसे गंभीर बात यह है कि शिकायत में सूर्यवंशी ने यह चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आत्महत्या कर लेंगे। उच्च अधिकारियों की चुप्पी और एक कनिष्ठ कर्मचारी को वरिष्ठ पद का प्रभार दिए जाने के इस गंभीर मामले पर अब प्रशासन पर दबाव है कि वह तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित करे।

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