बेमेतरा // एथेनाल प्लांट बंदी आंदोलन का आज पंद्रहवां दिन था। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें लेकर उप-मुख्यमंत्री अरुण साव से मिलने की कोशिश की। उन्हें निराश होना पड़ा क्योंकि उप-मुख्यमंत्री अरुण साव ने उन्हें मिलने के लिए समय नहीं दिया। उल्लेखनीय है कि बेमेतरा जिले में एथेनाल प्लांट के विरोध में ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं। वे किसी भी तरह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले इस प्लांट को बंद करवाना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से विधायक दीपेश साहू के बुलाने पर उप मुख्यमंत्री से बातचीत करने के लिए बेमेतरा जिला मुख्यालय पहुँचे थे। उप-मुख्यमंत्री साव ने मिलने से इन्कार करते हुए आंदोलनकारियों को रायपुर आने के लिए कहा।
विधायक और उप मुख्यमंत्री के रवैए से आंदोलनकारियों को बेहद निराशा हुई। वे यहाँ से वापस धरना स्थल पहुँचे। उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखा हुआ है।
ग्रामीणों की नाराज़गी इस बात पर है कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेता के द्वारा आश्वासन के बावजूद प्रदूषणकारी प्लांट को बंद करवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि शासन-प्रशासन किसानों की शंका और चिंता को नजर अंदाज करके उद्योगपतियों के हित में कार्य कर रही है। मामले की जांच और प्लांट के कार्य को रुकवाने के लिए अभी जांच कमेटी भी नहीं बन पाई है।
*आंदोलनकारी अजिताभ मिश्रा ने नवनीत समाचार को बताया – “विधायक जी ने समय दिया था कि उप-मुख्यमंत्री जी बेमेतरा आ रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वो इस धरना प्रदर्शन के बारे में उप-मुख्यमंत्री जी बताएँगे। उन्होंने समय न देते हुए ज्ञापन लेकर दशहरे के बाद मिलने के लिए रायपुर आने को कहा। यह आंदोलन प्लांट के बंद होने तक जारी रहेगा।”*
*घनाराम निषाद ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा – “आज हम एथेनॉल प्लांट बंदी को लेकर उप-मुख्यमंत्री जी से मिलने बेमेतरा के सर्किट हाउस पहुँचे थे। उन्होंने समय नहीं दिया और रायपुर आने को कहकर चले गए। उनके इस रवैये से हम आहत हैं।”*
आज आंदोलन में अजिताभ मिश्रा, जयपाल साहू, घनाराम निषाद, रामलाल साहू, विरेन्द्र साहू, परमेश्वर साहू, दिनेश साहू, श्रीमती दौना यदु, श्रीमती परमिला साहू, श्रीमती तिजकली निषाद, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान उपस्थित थे।

