बेमेतरा // किसानों की ओर से एथेनाल प्लांट बंद करने के आव्हान पर लगातार धरना का आज 18वा दिन है।बेमेतरा विधायक दीपेश साहू के निर्देश प्रदर्शन में नेतृत्व के वायदे पर 23 सितंबर को प्रारंभ किया गया था।विधायक के असहयोगात्मक रवैया और निरंतर अनपुस्थित रहने के कारण आज विधायक के आयोजक का नाम वाला फ्लेक्स हटा दिया गया।
एक समय सत्ता संघर्ष के लिए भाजपा के द्वारा किए गए प्लांट बंद करवाने के वायदे से अब किसान अपने को ठगा हुआ सा महसूस कर रहे हैं।इन जनप्रतिनिधियों की बदली हुई भाषा और रूखा व्यवहार और दोहरा चरित्र अब किसानो को समझ आ चुका है।प्रदर्शन में ऐसा एक भी दिन नही गुजरा जब इन जनप्रतिनिधियों की निंदा प्रस्ताव पारित नहीं किया गया हो। विधायक के इस दोहरे रवैए की लोग प्रतिदिन चर्चा कर उन्हे उनका वायदा याद करा रहे हैं।अब तक पिछले 2माह में तीन महापंचायत की जा चुकी है।
आगामी दशहरा पर्व धरना स्थल पर ही मनाने का निर्णय किया जा चुका है,जहां रावण के पुतले के साथ शासन प्रशासन और एथेनाल प्लांट का पुतला जलाने का निर्णय हुआ है।शासन प्रशासन का अडियाल रवैया
आंदोलन करियों को उग्र कदम उठाने बाध्य कर रहा है।शासन प्रशास आज 18 दिन बाद भी आंदोलन कारी किसानो के पक्ष में एक भी कदम नहीं उठाया गया है,एक भी मांग पर विचार करना तो दूर बल्कि प्रशासन का हर कदम एथनाल प्लांट मालिक के फेवर में ही लिया जा रहा है।प्रशासन अब पंचायत के कार्य क्षेत्र में भी हस्तक्षेप कर रहा है।पंचायत और ग्राम सभा द्वारा पारित प्रस्तावों पर भी कार्य नहीं करने दे रहा है।
प्रशासन द्वारा पंचायत के कार्य क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण से गांव वासी और पंचायत पदाधिकारी भी विचलित है,इसी के तहत पंचायत की ओर से सूचनार्थ रिपोर्ट प्रशासन को दी जा चुकी है।और आगे का कदम पंचायत द्वारा उठाया जाएगा ।प्रशासन का जो रवैया चल रहा उससे पंचायत के विकेंद्रीकरण का अस्तित्व ही खतरे में पढ़ता दिखाई दे रहा है।आज भी बड़ी संख्या में किसान ग्रामीण उपस्थित रहे।आज प्रमुख रूप से संतोष साहू,सौरभ शर्मा,नरेश निषाद,मेहतर साहू,लल्लू कुरैशी,जयपाल साहू, चंदन साहू
निपेंद्र साहू,राकेश साहू,टीका राम साहू सहित बड़ी संख्या में किसान महिलाएं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

