बिलासपुर // छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक 2025 पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह विधेयक गरीब मुस्लिमों के हितों का संरक्षण करने के साथ-साथ आदिवासियों, सरकारी जमीनों और सर्व समाज की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। श्री साव ने इसे हर समाज के साथ न्याय करने वाला बिल करार देते हुए कट्टरपंथी वोटबैंक की राजनीति को खारिज किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संवैधानिक दृष्टिकोण से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार लाना चाहती है ताकि इनका दुरुपयोग रोका जा सके। संसद के दोनों सदनों में लंबी चर्चा के बाद पारित इस विधेयक से वक्फ बोर्डों के कार्यों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि नए कानून के तहत वक्फ संपत्तियों का उपयोग मुस्लिम समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में होगा। श्री साव ने पुराने और नए कानून के अंतर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पहले वक्फ बोर्डों को असीमित अधिकार थे, जिससे भ्रष्टाचार और संपत्तियों के दुरुपयोग की शिकायतें बढ़ी थीं। अब सत्यापन और ऑडिट प्रणाली अनिवार्य होगी।
वक्फ बोर्ड एक धार्मिक संस्था है जो मुस्लिम कानून के तहत दान की गई संपत्तियों का प्रबंधन करती है। भारत में करीब 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें 38 लाख एकड़ से अधिक जमीन शामिल है। श्री साव ने कहा कि यह बिल वक्फ बोर्ड को अधिक समावेशी बनाएगा, जिसमें महिलाओं और विभिन्न मुस्लिम संप्रदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। साथ ही, सरकारी जमीनों को वक्फ घोषित करने पर रोक लगेगी, जिससे सामाजिक तनाव कम होगा। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह विधेयक धार्मिक स्वायत्तता का सम्मान करता है और विकास को गति देगा।

