बेमेतर // बेमेतरा जिले के पथर्रा में बन रहे एथेनॉल प्लांट के विरोध में स्थानीय निवासियों का प्रदर्शन निरंतर जारी है। इस संबंध में आंदोलनकारियों से नवनीत समाचार के संवाददाता ने बात की। उन्होंने इस एथेनॉल प्लांट के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई। आंदोलनकारियों का कहना है कि इससे आने वाले समय में लोगों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।
प्रशासन की तरफ से बेमेतरा और बेरला के अनुविभाग के अधिकारी और पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। हालांकि इस संबंध उद्योगपतियों का भी बयान आया था। उन्होंने इस प्लांट के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की संभावना को ही नकार दिया है।
इस प्लांट का जब शिलान्यास हो रहा था, तब से ग्रामीण इसके विरोध में खड़े हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि सशक्त नेतृत्व के अभाव में इस आंदोलन को वो मज़बूती नहीं मिली जो मिलनी चाहिए। आंदोलनकारियों की बड़ी चिंता पर्यावरण को लेकर है। उनकी मांग की अनदेखी करने के कारण उनमें बड़ा आक्रोश और रोष है। इसलिए आज इस आंदोलन ने ज़ोर पकड़ लिया है।
आंदोलन का नेतृत्व करने वाले छत्तीसगढ़ किसान संघ के सदस्य प्रेमेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने रोज़गार को लेकर कोई मांग नहीं की थी। कृषि प्रधान क्षेत्र में कृषि को नुकसान न पहुँचे। पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे यही उनकी मंशा है।
“बेमेतरा एक कृषि प्रधान जिला है। यहाँ खेतों और अस्पताल, स्कूल जैसी संस्थाओं के पास प्लांट लगाना ग़लत है। हम इसका पुरज़ोर विरोध करते हैं।” – प्रेमेश तिवारी (किसान नेता)

