बेमेतरा :— एथेनॉल प्लांट के विरोध में बैठे आंदोलनकारियों की आशंका सच हो गई। बेमेतरा जिले में स्थापित एथेनॉल प्लांट की टेस्टिंग शुरू हो गई है। इतने में इसका असर दिखने लगा है। एथेनॉल प्लांट से निकली बदबू गाँव स्वच्छ हवा को प्रदूषित करने लगी है। ग्रामीणों ने दावा किया कि प्रशासन के लोग और संचालक घरों से निकल देखेंगे तो उन्हें भी एथेनॉल प्रदूषित हवा की बदबू महसूस होगी। प्लांट से निकलने वाला काला-सफेद धुआँ प्लांट के आसपास के क्षेत्र को बुरी तरह से प्रदूषित कर रहा है। इससे न सिर्फ यहाँ के रहवासियों के लिए बल्कि खेत और मवेशियों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ शहरों में सरकार प्रदूषण से मुक्ति की बात करती है, दूसरी तरफ गांव के स्वच्छ वातावरण को भी प्रदूषित किया जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले 15 दिनों से बेमेतरा जिले के पथर्रा और आसपास के ग्रामीण एथेनॉल प्लांट बंदी को लेकर हड़ताल पर हैं। निरंतर प्रशासन के सामने विरोध प्रदर्शित किया जा रहा है। सरकार के मंत्रियों और क्षेत्र के विधायक से भी उन्होंने मुलाकात की। ग्रामीणों मे पहले ही आशंका व्यक्त की थी कि यह एथेनॉल प्लांट शुरू हो गया तो पूरा क्षेत्र प्रदूषण की चपेट में आ जाएगा। जबकि इस प्लांट के संचालकों ने दावा किया था कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से प्रदूषण को रोका जा सकता है। उनका कहना था कि न तो हवा में बदबू फैलेगी न ही किसी प्रकार का प्रदूषण होगा। इसके विपरीत प्लांट की टेस्टिंग में ही उनके इस दावे की कलई खुल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी इतनी बदबू है तो तब न जाने क्या होगा जब यह प्लांट पूरी तरह से क्रियाशील होगा? हाल ही में ग्रामीणों ने उप-मुख्यमंत्री अरुण साव से बेमेतरा में मिलकर परिस्थिति से अवगत कराने की कोशिश की, मगर उन्होंने समय नहीं दिया था।

