बिलासपुर // एथेनाल प्लांट बंद कराने का वायदा करके बेमेतरा के गुमशुदा विधायक और प्लांट का विरोध कर सत्ता में आई भा जा पा की छ ग सरकार को बेमेतरा शहर में ढूंढने के लिए बच्चे महिलाएं और किसानो ने खोज यात्रा निकली।रैली सर्वप्रथम कलेक्ट्रेट पहुंच कर प्लांट को दी गई खामियों से कलेक्टर को अवगत कराकर गया और गलत एन ओ सी को निरस्त करने की मांग रखी गई।कलेक्टर ने धरना स्थल पहुंच कर उनकी बात सुनी।प्रदर्शन कारी किसानो ने बताया इस प्लांट को दी गईं एन ओ सी गलत है जिसे निरस्त किया जाना चाहिए।और जांच अवधि में इन प्लांट का निर्माण कार्य स्थगित किया जाना चाहिए।कलेक्टर द्वारा आश्वासन नहीं देने से नाराज ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के सामने धरना दे कर बैठे गए।समाचार लिखे जाने तक किसान ग्रामीण कलेक्ट्रेट के सामने बैठे है।जहां महिलाओं ने जमकर नारे बाजी करते हुए विधायक सरकार और जिला प्रशासन को उनका वायदा और फर्ज निभाने का याद दिलाते हुए उनके वादा खिलाफी से नाराज होकर जमकर नारे बाजी कर रहे हैं।अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस प्रशासन द्वारा निरीह किसानो पर झुठा केस दायर फसाने के खिलाफ भी जमकर नारे बाजी और प्रशासन को भेदभाव पूर्ण और झूठा केस भोली भाली जनता के प्रति नहीं करने की लिए आगाह किया।पदयात्रा के दौरान बेमेतरा शहर के चारों ओर खुलने वाले प्लांट के दुष्प्रभाव ,इसके प्रदूषण,और विशेष कर ग्रीष्म कालीन भयंकर पेयजल संकट की ओर इशारा करके और सिलतरा के जैसा प्रदूषण से जो स्थिति रायपुर की हुआ,वैसी स्थिति बेमेतरा के आसपास के प्रदूषण युक्त प्लांट से होने की आशंका व्यक्त करते हुए ,बेमेतरा के आस पास के प्लांट को बंद करने बेमेतरा शहर वासियों को जमीन में उतरकर संघर्ष करने का आव्हान किया और इस किसानो की लड़ाई को मिलकर संघर्ष के लिए समर्थन मांगा।साथ ही बेमेतरा विधायक दीपेश साहू सत्ता धारी भाजपा की साय सरकार की जन विरोधी नीति और प्लांट वाले की भाषा बोलने के कारण बेमेतरा नगर चुनाव में विधायक और भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध वोट करके इन्हें बेमेतरा जिला और खासकर बेमेतरा विधानसभा की प्रदूषित करने की सजा देने का आव्हान किया साथ ही इस षडयंत्र की असफल करके बेमेतरा की आने वाले भयंकर प्रदूषण और भयानक पेयजल संकट से उबारने में किसानो की साथ देने के लिए समर्थन मांगा।
उल्लेखनीय है कि पथर्रा और रांका सहित इस क्षेत्र में चार एथेनाल और पावर प्लांट के विरोध में 35दिन से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे है।ये धरना प्रदर्शन दीपेश साहू के कहने पर 23सितंबर से प्रारंभ किया गया है।लेकिन विधायक पहले दिन की छोड़कर एक भी दिन प्रदर्शन स्थल नहीं पहुंचे है,न ही इनकी सुध लेने की इन 33दिनों में उन्होंने इसकी जरूरत ही नहीं समझी।जबकि प्रदर्शन लगातार विधायक को उनका वायदा याद करा रहे है।दशहरे के बाद उपमुख्यमंत्री से प्रदर्शन कारी किसानो को मिलवाकर है निकलने की बात कही थी।वो भी झूठ ही साबित हुई है।इस बीच शासन और उद्योगपति के इशारे पर प्रशासन आंख मिचौली कर रहा है।जिससे दिन प्रतिदिन आक्रोश बढ़ता जा रह है।प्लांट के लिए आपत्ति की स्थिति ये है कि 19सितंबर 2022 को आपत्ति बुलाई गई और 18 सितंबर 2022 को एन ओ सी दे दी गई।और ऐसे समाचार पत्र में इश्तहार निकाला जिसका अस्तित्व ही संदिग्ध है।ऐसे इश्तहार सार्वजनिक सूचना के बजाय छुपाने के लिए किया गया प्रतीत होता है।इन प्लांट के खुलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश पनप रहा है।खेती किसानी की भारी व्यस्तता के बीच भी किसान भरपूर समय इस आंदोलन को दे रहे है जिससे इनके आक्रोश का अनुमान लगाया जा सकता है।इस समय सभी कलेक्ट्रेट के सामने धरना दे कर बैठे हुए है।


