बेमेतरा // विगत 85दिन से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के सब्र का बांध आज उस वक्त टूट गया जब रात भर प्लांट की भयानक आवाज से ग्रामीण सो नहीं पाए ,प्लांट के धुएं से फैलती कालिख से पहले ही आक्रोशित किसान भी संघर्ष करते नजर आए।ग्रामीण का विरोध ग्रामीण सड़क पर प्लांट द्वारा लगातार मनाही के बाद भी भारी वाहनों के निरंतर आवागमन से भी था।84 दिन बाद आज फुट पड़ा।चार सप्ताह में प्लांट को जारी अनियमितता की जांच करने के लिए समय मांगने वाला प्रशासन आज पुलिस प्रशासन को आगे करके खुद मुंह छिपाते नजर आया।मौके पर पुलिस प्रशासन के थाना प्रभारी और पुलिस एसडीओपी ही पहुंचे है,जबकि प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है।जबकि शासन के प्रतिनिधि,विधायक, दोनों उपमुख्यमंत्री ,विधानसभा अध्यक्ष,पर्यावरण मंत्री ,उद्योग मंत्री सभी तक अपनी बात ग्रामीण रख चुके है,केवल झूठा आश्वासन देकर बैक डोर में दिखाई दे रहे है।इस क्षेत्र के ग्रामीण ऐसी कोई जगह बाकी नहीं है जहां आवेदन देकर गुहार नहीं लगाए हों।हर जगह से निराशा के बाद आज रात को प्लांट की आवाज से रात भर व्यथित रहने के बाद एक बार फिर से मोर्चा खोल चुके है।ग्रामीण महिलाएं में गुस्सा ज्यादा दिखाई दे रहा है।इस बार पूरी ताकत से आर पार के मूड में दिखाई दे रहे है

