बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज साय सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट को विपक्षी दल कांग्रेस ने सिरे से खारिज कर दिया है। युवा कांग्रेस के सक्ति जिला प्रभारी और वरिष्ठ युवा नेता अंकित गौरहा ने बजट पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “दिशाहीन और हकीकत से दूर” बताया है।
अंकित गौरहा ने कहा कि प्रदेश का युवा बेरोजगारी के दंश से जूझ रहा है, लेकिन बजट में सरकारी रिक्तियों को भरने या नए रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। उन्होंने इसे “प्रचार का बजट” करार दिया।
उन्होंने विवेचना करते हुए कहा कि सरकार केवल योजनाओं के नाम पर लुभावने वादे कर रही है, जबकि हकीकत में राज्य पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर भविष्य की पीढ़ी पर पड़ेगा।
गौरहा के अनुसार, बजट में ‘एजुकेशन सिटी’ जैसी घोषणाएं केवल कागजी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी ढांचे की जर्जर स्थिति को सुधारने के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किए गए हैं।
उन्होंने विपक्ष के स्वर में सुर मिलाते हुए कहा कि यह बजट जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर केवल तकनीकी शब्दावलियों के मायाजाल (जैसे AI और स्टार्टअप मिशन) में उलझा हुआ है, जिससे आम गरीब और किसान को कोई राहत नहीं मिलने वाली।
यह बजट छत्तीसगढ़ के विकास का नहीं, बल्कि भाजपा की मार्केटिंग का दस्तावेज है। इसमें न युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी है और न ही महंगाई से त्रस्त जनता के लिए कोई मरहम।
अंकित गौरहा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने युवाओं और आम जनता की मांगों को बजट में प्राथमिकता नहीं दी, तो युवा कांग्रेस जल्द ही सड़कों पर उतरकर इस ‘लोक-लुभावन लेकिन खोखले’ बजट के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।

