बिलासपुर // छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण विप्रसंघ खारंग परिक्षेत्र के तत्वावधान में सामूहिक वटवृक्ष बंधन एवं वार्षिक सम्मेलन का आयोजन 28 एवं 29 मार्च 2026 को माँ महामाया धाम नगोई-बैमा में किया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं तथा विप्र समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता की अपील की गई है।
आयोजकों ने बताया कि पूर्व वर्षों की भाँति इस वर्ष भी ब्राह्मण समाज द्वारा विप्र कुमारों का एक साथ वटवृक्ष बंधन संस्कार कराया जाएगा। यह संस्कार वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न होगा। वटवृक्ष बंधन का मुख्य अनुष्ठान 29 मार्च 2026 को शुभ मुहूर्त में संपन्न होगा। संस्कार में शामिल होने वाले विप्र कुमारों का पंजीयन 15 मार्च 2026 तक किया जाना अनिवार्य है। पंजीयन शुल्क 1100 रुपये निर्धारित किया गया है। आर्थिक रूप से असमर्थ परिवार अपने क्षेत्र के अध्यक्ष से अनुरोध कर सकते हैं।
आयोजन समिति के अनुसार संस्कार में भाग लेने वाले प्रत्येक विप्र बालक के साथ परिवार के अधिकतम पाँच सदस्य उपस्थित हो सकते हैं। पूजा के लिए एक लोटा, पीतल की थाली तथा ओढ़ने का कपड़ा साथ लाना होगा। सभी प्रतिभागियों को 28 मार्च 2026 को दोपहर 2 बजे तक अपने साधनों से परशुराम सामुदायिक भवन, माँ महामाया धाम नगई-बैमा में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। पूजा एवं संस्कार संपन्न होने के पश्चात भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था आयोजन समिति द्वारा की जाएगी।
आयोजन को सफल बनाने के लिए समाज के पदाधिकारी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। आयोजन समिति में बंशीलाल गौरहा (संरक्षक), विद्यानंद शर्मा (अध्यक्ष), प्रदीप शास्त्री (उपाध्यक्ष), विरेंद्र गौरहा (महामंत्री), राजेन्द्र तिवारी (कोषाध्यक्ष) तथा अंकित गौरहा (अध्यक्ष, विप्र युवा परिषद) सहित अनेक समाजसेवी सहयोग कर रहे हैं। समिति ने क्षेत्र के सभी विप्र बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने एवं विप्र कुमारों को आशीर्वाद प्रदान करने की अपील की है।

