बिलासपुर :— न्यायधानी में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रसिद्ध उद्योगपति प्रवीण झा के गनमैन द्वारा अपनी गाड़ी पर पंजाब (PB) पासिंग का फर्जी नंबर लगाकर महीनों तक शहर की सड़कों पर दौड़ने का खुलासा हुआ है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब पंजाब में बैठे असली गाड़ी मालिक के पास बिलासपुर के ट्रैफिक चालान पहुंचने शुरू हुए।
जानकारी के अनुसार, गनमैन जिस नंबर का उपयोग कर रहा था, वह नंबर पंजाब के एक अन्य वाहन के नाम पर पंजीकृत है। जब बिलासपुर ट्रैफिक पुलिस ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर ऑनलाइन चालान काटा, तो उसका संदेश (SMS) पंजाब स्थित असली वाहन मालिक के पास पहुंचा।
हैरान-परेशान मालिक ने जब इसकी शिकायत संबंधित विभाग और पुलिस से की, तब जाकर यह परत खुली कि बिलासपुर में उसी नंबर की एक गाड़ी फर्जी तरीके से चलाई जा रही है। महीनों से आरटीओ (RTO) और ट्रैफिक पुलिस को गुमराह कर रहा यह गनमैन अब जांच के दायरे में है।
पुलिस प्रशासन को अब इस मामले में निम्न पहलुओं पर गहराई से तफ्तीश करना होगा
फर्जी नंबर का उद्देश्य: गनमैन ने पंजाब का नंबर क्यों लगाया? क्या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी या केवल चालान से बचने की एक तरकीब?
दस्तावेजों की वैधता: जिस वाहन का उपयोग किया जा रहा था, क्या उसके पास वैध आरसी (RC), बीमा और पीयूसी (PUC) जैसे दस्तावेज हैं?
हथियार और सुरक्षा: एक गनमैन होने के नाते, क्या उस वाहन में किसी प्रकार का अवैध सामान या हथियार ले जाया जा रहा था?
यातायात विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह केवल ट्रैफिक नियम का उल्लंघन नहीं, बल्कि जालसाजी (Forgery) और धोखाधड़ी का गंभीर मामला है।
“किसी भी व्यक्ति को दूसरे राज्य या फर्जी नंबर प्लेट इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई कानून के साथ ऐसा खिलवाड़ न कर सके।” — पुलिस सूत्र
अब देखना यह होगा कि रसूखदार उद्योगपति से जुड़े इस मामले में पुलिस प्रशासन कितनी निष्पक्षता और तत्परता से कार्रवाई करता है।

