सक्ति :—छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सक्ति जिले के दो छात्र अपनी अंकसूची (मार्कशीट) में सुधार करवाने के लिए पिछले कई महीनों से रायपुर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन मंडल के अधिकारियों की उदासीनता के कारण अब तक सुधार नहीं हो पाया है। परेशान होकर छात्रों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है और 10 दिनों के भीतर मांग पूरी न होने पर शिक्षा मंडल के सामने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
पीड़ित छात्रों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी त्रुटिपूर्ण अंकसूचियों को सुधारने के लिए आवेदन दे चुके हैं, लेकिन फाइलें दफ्तरों की धूल फांक रही हैं।
अनिल कुमार चंद्रा (पिता: योगेश कुमार चंद्रा) इन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट सुधार हेतु 15 मार्च 2023 को आवेदन जमा किया था। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इनका काम लंबित है।
उमा साहू (पिता: रोहित साहू) इनकी स्थिति और भी विकट है। इन्होंने कक्षा 10वीं, 12वीं के साथ-साथ डी.एल.एड. (D.El.Ed.) की मार्कशीट सुधार के लिए 7 नवंबर 2022 को आवेदन किया था। लगभग डेढ़ साल बीत जाने के बावजूद इन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
दोनों छात्रों का कहना है कि मार्कशीट में त्रुटि होने के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई और सरकारी फॉर्म भरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार सक्ति से रायपुर स्थित मुख्य कार्यालय की दौड़ लगाने के बावजूद अधिकारी केवल ‘प्रक्रिया चल रही है’ कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
“हमने नियमानुसार सभी दस्तावेज और आवेदन बहुत पहले जमा कर दिए थे। बार-बार रायपुर जाने पर भी हमारा काम नहीं हो रहा है। अगर 10 दिनों के भीतर हमें सुधरी हुई मार्कशीट नहीं मिली, तो हमारे पास शिक्षा मंडल के सामने धरने पर बैठने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।”
पीड़ित छात्र
यह मामला न केवल प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के शैक्षिक भविष्य के प्रति विभाग की संवेदनहीनता को भी उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि छात्रों की इस चेतावनी के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल हरकत में आता है या इन छात्रों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

