बिलासपुर :— कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद नायक ने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान के चयन पर कटाक्ष करते हुए इसे भारत के लिए चिंताजनक बताया।
प्रमोद नायक ने तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार खुद को ‘विश्व गुरु’ घोषित करती थी और जिसके समर्थक दावा करते थे कि उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवा दिया था, आज उनकी स्थिति क्या हो गई है? उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों इतने बड़े शक्तिशाली देशों की शांति वार्ता एक ऐसे देश में हो रही है, जिसे दुनिया ‘आतंकवाद की नर्सरी’ मानती है।
बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि दुनिया भारत की ओर देख रही है। लेकिन हकीकत यह है कि आज अमेरिका, इजरायल और ईरान जैसे देश वार्ता के लिए पाकिस्तान को चुन रहे हैं। जो देश खुद दाने-दाने को मोहताज है और आतंक का गढ़ है, वहां इन बड़े देशों की पंचायत बैठना भारत की कूटनीतिक विफलता को दर्शाता है।
नायक ने कहा कि भाजपाई ढिंढोरा पीटते थे कि प्रधानमंत्री ने फोन करके युद्ध रुकवा दिया, तो आज अमेरिका और इजरायल जैसे मित्र देशों को भारत लाने में विफल क्यों रहे?
एक छोटे और आर्थिक रूप से जर्जर देश पाकिस्तान का वैश्विक मंच पर ‘मध्यस्थ’ की तरह उभरना भारत के प्रभाव को कम करने जैसा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल आंतरिक राजनीति और प्रचार में व्यस्त है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का दबदबा कमजोर हो रहा है।
प्रमोद नायक ने कड़े शब्दों में कहा कि वैश्विक पटल पर भारत की छवि को लेकर जो भ्रम फैलाया गया था, उसकी पोल इस घटनाक्रम ने खोल दी है। उन्होंने मांग की कि सरकार को देश की जनता को बताना चाहिए कि आखिर क्यों वैश्विक कूटनीति के केंद्र से भारत गायब होता जा रहा है और पाकिस्तान जैसा देश ‘शांति दूत’ की भूमिका में आ रहा है।

