सक्ती (छत्तीसगढ़) :— जिला अस्पताल सक्ती में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आवंटित की गई कैंटीन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। सरकारी नियमों को ताक पर रखकर इस कैंटीन को महिलाओं के बजाय पुरुषों द्वारा अवैध रूप से संचालित करने का आरोप लगा है। इस मामले में वार्ड नंबर 8, बाराद्वार के निवासियों ने सीधे जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।
मंगलवार (26 मई 2026) को ‘कलेक्टर जनदर्शन’ में पहुंचे आवेदकों ने एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपकर मामले का पर्दाफाश किया। कलेक्टर कार्यालय द्वारा इस शिकायत को दर्ज कर (क्र. 5099) तत्काल संज्ञान में लिया गया है।
शिकायतकर्ता संतु धीरही और निशीथ तिवारी द्वारा सौंपे गए आवेदन के अनुसार:
सक्ती के सरकारी जिला अस्पताल की कैंटीन का आवंटन नियमानुसार एक स्थानीय ‘महिला स्व-सहायता समूह’ को किया गया था ताकि महिलाओं को रोजगार मिल सके।
नियमों के विपरीत, वर्तमान में इस कैंटीन का संचालन परसन राठौर और मनोज राठौर नाम के दो व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा है।
आरोप है कि इन दोनों व्यक्तियों ने महिला समूह के अधिकारों का हनन करते हुए कैंटीन पर कब्जा जमा रखा है, जो कि पूरी तरह नियम विरुद्ध है।
“महिला समूह को मिले अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी मांग है कि नियम विरुद्ध चल रही इस कैंटीन पर अतिशीघ्र कार्रवाई की जाए और इसे वापस मूल महिला समूह को सौंपा जाए। आवेदक (संतु धीरही व निशीथ तिवारी)
ग्रामीणों और वार्ड वासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि इस मामले में दोषी व्यक्तियों पर उचित और दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो सके। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर कितनी जल्दी एक्शन लेता है और महिलाओं को उनका हक वापस दिला पाता है।


