बिलासपुर :— बिलासपुर के कांग्रेस भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश की महिलाओं को भ्रमित करने और उनके साथ अन्याय करने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि महिला आरक्षण को लेकर भाजपा की मंशा साफ नहीं है और वह आरक्षण को केवल एक ‘चुनावी मुखौटा’ बनाकर अपने राजनीतिक एजेंडे को साधने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (106वां संविधान संशोधन, 2023) पहले ही पारित होकर कानून बन चुका है। लेकिन भाजपा ने 16 अप्रैल को संसद में जो 131वां संविधान संशोधन बिल पेश किया, वह वास्तव में महिला आरक्षण लागू करने के लिए नहीं, बल्कि परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में फेरबदल करने के लिए लाया गया है।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा आरक्षण को ‘परिसीमन’ और ‘अगली जनगणना’ की शर्तों से बांधकर इसे अनिश्चितकाल के लिए टालना चाहती है। पार्टी ने मांग की है कि आरक्षण को तुरंत लागू किया जाए, न कि दशकों बाद के किसी भविष्य पर छोड़ा जाए।
बिलासपुर कांग्रेस के नेताओं ने याद दिलाया कि महिलाओं को पंचायतों और निकायों में आरक्षण देने की शुरुआत कांग्रेस ने ही की थी। पार्टी हमेशा से महिलाओं की वास्तविक राजनीतिक भागीदारी और उनके सम्मान के प्रति दृढ़ संकल्पित रही है।
प्रेस वार्ता में कहा गया कि भाजपा जिस बिल को महिला आरक्षण के नाम पर प्रचारित कर रही है, वह वास्तव में ‘परिसीमन संशोधन बिल है। कांग्रेस ने इसे महिलाओं की आंखों में धूल झोंकने वाला कदम बताया और कहा कि भाजपा सरकार आरक्षण के असली लाभ को रोकने के लिए जटिल कानूनी तकनीकी बाधाएं खड़ी कर रही है।
कांग्रेस की मांग है कि महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त और बिना किसी देरी के तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। भाजपा का नया बिल केवल एक प्रशासनिक पुनर्गठन का प्रयास है जिसे आरक्षण की चादर में लपेटकर पेश किया जा रहा है।

