
*(वरिष्ठ पत्रकार गोविन्द शर्मा की कलम से)*
रायपुर/बिलासपुर:- छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा,लगभग 3 करोड़ जनता का जो छत्तीसगढ़ में प्रतिनिधितत्व करते है जिसमे अधिकाश कांग्रेस और कुछ भाजपा,जोगी कांग्रेस के एमएलए बैठे है इसके अलावा 11 सांसद,05 राज्य सभा सांसद भी हैं जो प्रदेश की जनता का प्रतिनिधित्व करते है ।
छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले ये जनप्रतिनिधियों को बिलासपुर रेल्वे जोन में घंटों लेट चल रही सवारी ट्रेन क्यों नही दिखाई दे रही है,करोना काल के बाद यात्री ट्रेनों की घंटो लेट होती ट्रेन इसके अलावा कई ट्रेन आज तक चालू नही हुई ये सब इन जनप्रतिनिधियों को पता है लेकिन घंटो लेट चल रही यात्री ट्रेनों से आम जनता की तकलीफ किसी को दिखाई नही दे रही है या तो इनका जमीर मर चुका या इनकी हिम्मत नही की आमजनता के लिए सड़क में उतर कर आंदोलन कर सके जिससे आमजनता को ट्रेनों के घंटो लेट चल रही तकलीफ को दूर किया जा सके?
देश के रेलवे जोन में गुड्स ट्रेनों के माध्यम से सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला बिलासपुर जोन अब छत्तीसगढ़ की जनता के लिए ये गुड्स ट्रेन अभिशाप बन गया हैं क्योंकि आज की तारीख में पब्लिक ट्रेन बाद में गुड्स ट्रेन को पहले तवज्जो दी जा रही हैं जिसके चलते पब्लिक ट्रेन घंटो लेट चल रही है।
आमजनता की रीढ़ कही जाने वाली रेलवे अब आमजन की रीढ़ को ही तोड़ने में लगी है बिलासपुर जोन की अधिकांश यात्री ट्रेन इस समय 8 से 10 घंटे लेट चल रही हैं ऐसा करोना काल खत्म होने के बाद शुरू हुई यात्री ट्रेनों में हो रहा है गुड्स ट्रेन को पहले प्राथमिकता देना जैसे बिलासपुर जोन का नियम बन गया है इन सब की जानकारी होने के बाद भी प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधियो को ये सब नही दे रहा है ।
*विधायक शैलेश पांडेय ने विधानसभा में इस मामले की आवाज उठाई:-*
छत्तीसगढ़ में 90 विधायक होने के बावजूद घंटो लेट होती ट्रेन सिर्फ एक विधायक शैलेश पांडेय को ही दिखाई दी और उन्होंने विधानसभा में इस बात को उठाई ,मुख्यमंत्री को इस मामले में संज्ञान लेने को कहा, बाकी विधायको को अपनी विधानसभा की जनता को ट्रेन के घंटो लेट होने से कोई फर्क नही पड़ता या उन्हे इससे कोई लेना देना नही ।इन सब बातों को जनता बखूबी समझेगी।

