छत्तीसगढ़ रायपुर/ विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा बदलाव किया, आदिवासी समुदाय से रहे प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को हटा कर प्रदेश अध्यक्ष की नई जिम्मेदारी सांसद अरुण साव को दे दी है। इस बदलाव के बाद अगले 4/5 दिनों में नेता प्रतिपक्ष के पद पर भी बदलाव की अटकलें चल रही थी।
इस बीच बड़ी खबर सामने आई है कि अब अध्यक्ष के बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को भी पद से हटा दिया गया है उनकी जगह विधानसभा में नए नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी अब जांजगीर के विधायक नारायण प्रसाद चंदेल संभालेंगे।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में 15 महीने बचे हुए है भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के इस तरह बदलाव को चुनाव को देखते हुए किये गए है 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार हुई थी भाजपा सिर्फ 15 सीटों में ही चुनाव जीत पाई थी। वर्तमान स्थिति में भाजपा छत्तीसगढ़ में काफी कमजोर नजर आ रही है 15 साल सत्ता में रही भाजपा करारी हार के बाद भी जमीनी स्तर पर नजर नही आ पाई या यूं कहें कि आज भी भाजपा प्रदेश के मतदाताओं तक पहुंच नही पा रही है। भाजपा प्रदेश मे विपक्ष की भूमिका भी नही निभा पाई बड़े बड़े मुद्दों के बावजूद सड़क की लड़ाई लड़ते कभी पार्टी प्रदेश की सड़कों पर नजर नही आई। प्रदेश में कमजोर हो चुकी पार्टी को नए सिरे से उठाने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने को लेकर अब ये बड़े बदलाव किए गए। देखना होगा कि अध्यक्ष और नेताप्रतिपक्ष के चेहरे बदलने के बाद भाजपा अब कितनी मजबूत हो पाती है।

