बिलासपुर :— केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के साथ ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। युवा कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने इस बजट को “पूंजीपतियों का हितैषी”और गरीबों-मध्यम वर्ग के लिए निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री के पिटारे से आम आदमी के लिए कोई ठोस राहत नहीं निकली, बल्कि यह बड़े कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाला साबित हुआ है।
अंकित गौरहा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इस बजट में गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए कुछ भी खास नहीं है। महंगाई से जूझ रहे आम आदमी और मध्यम वर्ग को कर राहत या कोई मजबूत योजना नहीं मिली। सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसकी प्राथमिकता केवल अमीरों और बड़े उद्योगों की है।”
बजट पेश होने के दौरान शेयर बाजार में आई भारी गिरावट पर गौरहा ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “बजट भाषण के बीच ही बाजार धराशायी हो गया। निवेशकों को लगभग 6-8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे बाजार में डर का माहौल बन गया है। सरकार भले ही आर्थिक आंकड़ों पर अपनी पीठ थपथपाए, लेकिन बाजार की यह प्रतिक्रिया असल हकीकत बयां कर रही है।”
सराफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “सोना और चांदी अब आम जनता के लिए महज सपने रह गए हैं। ये कीमतें गरीब और मध्यम वर्ग की पहुंच से पूरी तरह बाहर हो चुकी हैं। सरकार की नीतियां ऐसी हैं जो लोगों की बचत को खत्म करने वाली साबित हो रही हैं।”
अंत में अंकित गौरहा ने कहा, “यह बजट युवाओं, किसानों और गरीबों की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है। यह विकास का बजट नहीं, बल्कि विनाश और असमानता बढ़ाने वाला बजट है।”

