बेमेतरा // प्लांट प्रारंभ होने से पहाड़ पीसने की तरह भीषण ध्वनि प्रदूषण, पथर्रा,बसनी के ग्रामीणों का आरोप रात भर आवाज में सो नहीं पाए।आंदोलनकारियों ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा को बताई व्यथा।
इथेनॉल प्लांट का
विस्थापन आंदोलन अब अपने टर्निंग पॉइंट पर पहुंच चुका है।आज प्लांट के ट्रायल होने से उत्पन्न भारी आवाज और बदबू की शुरुआत ने आंदोलन को उग्र रूप में जाने का रास्ता साफ कर दिया है।कल देर रात प्लांट की आवाज से बसनी और पथर्रा के ग्रामीण सड़क पर निकल आए,स्थिति को भांपते हुए,प्लांट का ट्रायल प्रबंधन द्वारा रोका गया।प्लांट की आवाज से भारी बेचैनी गांव वालों में देखी गई।ग्राम पंचायत द्वारा लगातार भारी वाहन प्रवेश ग्रामीण पगडंडी पर नहीं करने का बोर्ड लगाया गया था।फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा लगातार उल्लंघन से परेशान होकर रोड में भारी वाहन ग्रामीण क्षेत्र में प्रवेश से रोकने बाढ़ लगाई गई है,जो कि पंचायत के अधिकार क्षेत्र में है।इस बीच आज बेमेतरा प्रवास पर पहुंचे राजस्व मंत्री से आंदोलन कारियों ने भेंट कर व्यथा बताई है। राजस्व मंत्री
ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह प्लांट लगाने और लगातार गैरकानूनी गतिविधियां संचालन पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए इस प्लांट की अनियमितता पर कार्यवाही के लिए जिला कलेक्टर बेमेतरा को निर्देश देने की बात कही।
पथर्रा और बसनी के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को चेताया है यदि इसी तरह रात में ध्वनि प्रदूषण आता रहा तो रात में ही दोनों गांव के ग्रामीण कलेक्टर एस पी और विधायक दीपेश साहू के घर के सामने इतनी ही आवाज में ढोलक बजाएंगे, उतनी ही बदबू की व्यवस्था की जाएगी।जिसके लिए तैयारी की जा रही है।यदि रात में फिर से प्लांट से आवाज और बदबू आई तो इसकी प्रतिक्रिया तत्काल सामने आएगी।




