जैजैपुर/सक्ती :— सक्ती जिले के जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कचंदा के ग्रामीणों ने गांव में हो रहे वित्तीय भ्रष्टाचार, पक्षपात और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी को लेकर कलेक्टर से शिकायत की है। ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, भौतिक सत्यापन और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव के अत्यंत गरीब, बेघर और कच्चे मकान वाले पात्र हितग्राहियों के नाम सूची से द्वेषपूर्ण तरीके से काट दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर, नियमों को ताक पर रखकर अपात्र और चहेते व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव द्वारा 15वें वित्त आयोग, मनरेगा, नल-जल योजना तथा अन्य शासकीय मदों में आई राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग और गबन किया गया है। कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर राशि का आहरण कर लिया गया है, जबकि धरातल पर काम अधूरे हैं या अत्यंत निम्न स्तर के हैं।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
* निष्पक्ष जांच टीम का गठन: जिला स्तर के अधिकारियों की एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच टीम गठित की जाए।
* भौतिक सत्यापन : जांच टीम द्वारा स्वयं ग्राम पंचायत कचंदा में आकर निर्मित आवासों, अधूरे निर्माण कार्यों और विकास कार्यों का ग्रामीणों की उपस्थिति में भौतिक सत्यापन किया जाए।
* पात्र हितग्राहियों को न्याय: जिन पात्र हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनका पुन: सर्वेक्षण कर उन्हें तत्काल आवास स्वीकृत किया जाए।
* दंडात्मक कार्रवाई और वसूली: भ्रष्टाचार में लिप्त सरपंच, सचिव एवं अन्य संबंधितों के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई कर गबन की गई राशि वसूल की जाए।
यह ज्ञापन समस्त पीड़ित एवं जागरूक ग्रामीणों की ओर से सौंपा गया है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करेगा।

