सक्ति (छत्तीसगढ़) :— आज के दौर में जहां शादियों में लाखों-करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जाते हैं, वहीं सक्ति जिले के ग्राम पंचायत सरहर से समाज को एक नई दिशा देने वाली खबर सामने आई है। यहां आर्थिक रूप से कमजोर एक दूल्हा-दुल्हन का विवाह ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया। यह विवाह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस सामाजिक पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत सरहर के प्रसिद्ध समलाई दाई मंदिर प्रांगण स्थित राम जानकी मंदिर में यह विवाह संपन्न हुआ। दूरपा की रहने वाली प्रमीला भैना का विवाह मुलमुला (बिलासपुर) निवासी कृष्ण कुमार भैना के साथ पूरे विधि-विधान से हुआ। पंडित गुड्डू महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की सभी रस्में पूरी करवाईं।
वर और वधू, दोनों ही पक्ष आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थे, जिसके कारण वे भव्य आयोजन करने में असमर्थ थे। ऐसे में सरहर निवासी संतोष कूर्रे और दिलीप पांडे आगे आए। उन्होंने न सिर्फ शादी की जिम्मेदारी उठाई, बल्कि संतोष कूर्रे ने शादी और मेहमानों के खाने-पीने का सारा खर्च खुद वहन किया।
“यह विवाह इस बात का प्रतीक है कि यदि समाज ठान ले, तो धन का अभाव कभी किसी की खुशियों में आड़ा नहीं आ सकता। ग्रामीणों की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणा है।”
इस मांगलिक और पुनीत कार्य में समलाई समिति के सभी भक्तों सहित पूरा गांव उमड़ पड़ा। विवाह कार्यक्रम में मुख्य रूप से इतवारी केंवट , रामचरन, राम गोपाल यादव, सहस राम, तेरस यादव, सिया राम यादव, शेखर कूर्रे, ललिता बाई कूर्रे, सावित्री बाई केंवट और संगीता केंवट सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़े को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया और इस अनोखी पहल की सराहना की।

