बिलासपुर/क्षेत्रीय समाचार :— जनता को पारदर्शी शासन व्यवस्था देने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए बनाए गए ‘सूचना का अधिकार’ (RTI) कानून का ग्राम पंचायतों में सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है। मामला ग्राम पंचायत रमतला और मदनपुर का है, जहाँ जन सूचना अधिकारियों द्वारा कानून की धज्जियाँ उड़ाने और उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का गंभीर मामला सामने आया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, आवेदक ने RTI के तहत दोनों ग्राम पंचायतों में जानकारी हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। ग्राम पंचायत रमतला के जन सूचना अधिकारी ने नियम अनुसार एक माह की समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। वहीं, ग्राम पंचायत मदनपुर के अधिकारी ने मनमानी की हद पार करते हुए आवेदक का आवेदन शुल्क सहित वापस लौटा दिया।
निचले स्तर पर सुनवाई न होने पर आवेदक ने प्रथम अपीलीय अधिकारी यानी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के समक्ष अपील दायर की। जनपद CEO ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपील पर कार्रवाई की और दोनों ग्राम पंचायतों के जन सूचना अधिकारियों को आदेश पत्र जारी कर 15 दिनों के भीतर आवेदक को निःशुल्क जानकारी प्रदान करने का स्पष्ट निर्देश दिया।
अत्यंत खेदजनक पहलू यह है कि जनपद CEO के आदेश की मियाद पूरी हुए भी काफी समय बीत चुका है, लेकिन आज दिनांक तक आवेदक को कोई जानकारी नहीं दी गई है। यह न केवल आम नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का हनन है, बल्कि प्रशासनिक पदानुक्रम में प्रथम अपीलीय अधिकारी की साख और आदेशों की अवहेलना भी है।
स्थानीय प्रशासन के इस रवैये से आहत होकर आवेदक अब मामले की द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग में करने की तैयारी कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने RTI कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के मन में गहरा रोष पैदा कर दिया है। शासन-प्रशासन को ऐसे गैर-जिम्मेदार जन सूचना अधिकारियों पर तत्काल कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि कानून की विश्वसनीयता बनी रहे और कोई भी नागरिक अपने मौलिक अधिकारों से वंचित न रहे।

