बिलासपुर :— बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में विधायक सुशांत शुक्ला के कथित तानाशाही रवैया और बदले की राजनीति के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने उग्र प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से रैली निकालकर नेहरू चौक पर सभा की और पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्टोरेट का घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) का भी इस्तेमाल किया, लेकिन कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ और वे डटे रहे।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बेलतरा विधायक जनता के बीच हार के बाद अब बदले की भावना से काम कर रहे हैं, जो पूरी तरह से असंवैधानिक और तानाशाही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के कथित दबाव में किसानों की खड़ी फसल के बीच सीमांकन कराया गया। धनंजय सिंह के परिवार की एक ही स्थान पर स्थित लगभग 45 एकड़ भूमि के सीमांकन, नोटिस जारी करने की प्रक्रिया और कार्रवाई के समय की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “यह प्रशासनिक आतंकवाद नहीं तो और क्या है?” कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि इस कार्रवाई में राजनीतिक दबाव था या नहीं और पंचायत सचिव के स्थानांतरण के पीछे क्या कारण रहे।
नेताओं ने कड़े शब्दों में कहा कि निवास का नाम ‘सेवा सदन’ रख लेने मात्र से जनता की सेवा नहीं हो जाती, बल्कि वहां ‘मेवा सदन’ का काम चल रहा है। विधायक को नाम के बजाय वास्तविक कार्यों से अपनी पहचान बनानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देश भर में तानाशाही और कथित वोट चोरी के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी इसी तरह की राजनीति का विरोध किया जा रहा है।
हाल ही में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा कांग्रेस भवन में घुसकर की गई नारेबाजी के मामले में कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई।
हजारों की संख्या में कलेक्टोरेट का घेराव करने जा रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने नेहरू चौक पर दो स्तर के बैरिकेड लगाए थे। पानी की बौछारें पड़ने के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।
कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि बेलतरा विधायक को राजनीतिक द्वेष छोड़कर सभी जनता के विधायक के रूप में अगले पांच साल सेवा करनी चाहिए। यदि तानाशाही रवैया बंद नहीं हुआ, तो यह विरोध प्रदर्शन और भी उग्र रूप लेगा।

