कोंडागांव :— भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गुरुवार को छत्तीसगढ़ मजदूर शक्ति संघ के जिला कार्यालय, कोंडागांव में छत्तीसगढ़ बिजली मिस्त्री संघ एवं छत्तीसगढ़ मजदूर शक्ति संघ द्वारा संयुक्त रूप से विश्वकर्मा जयंती समारोह का आयोजन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम में राजमिस्त्री, बिजली मिस्त्री सहित बड़ी संख्या में श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समारोह की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना के साथ हुई। श्रमिकों ने भगवान विश्वकर्मा से सुख-समृद्धि, कार्य में सफलता तथा सुरक्षित कार्यस्थल की कामना की। पूजा के पश्चात उपस्थित श्रमिकों ने श्रम, हुनर, सम्मान और एकता को लेकर अपने विचार साझा किए।
श्रमिकों की एकता ही सबसे बड़ी ताकत : सुनील रत्नाकर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ मजदूर शक्ति संघ के प्रदेश मंत्री एवं संभागीय अध्यक्ष बस्तर संभाग सुनील कुमार रत्नाकर ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा श्रम, निर्माण और हुनर के प्रतीक हैं। देश और समाज के विकास में मेहनतकश श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्रमिक अपने परिश्रम और कौशल से विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं, इसलिए उनके श्रम का सम्मान और अधिकारों की जानकारी बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जागरूक और संगठित श्रमिक किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना कर सकते हैं। श्रमिक संगठनों का उद्देश्य श्रमिकों को बांटना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक करना, मार्गदर्शन देना और आवश्यकता के समय उनके साथ खड़ा होना होना चाहिए।
संगठन अलग हो सकते हैं, उद्देश्य श्रमिक हित : राजेश कुलदीप
छत्तीसगढ़ बिजली मिस्त्री संघ के जिला अध्यक्ष राजेश कुलदीप ने कहा कि अलग-अलग संगठन अपने स्तर पर श्रमिकों के लिए कार्य कर सकते हैं, लेकिन सभी का मूल उद्देश्य श्रमिक हित, सम्मान और सुरक्षा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी संगठन की पहचान उसके नाम से नहीं, बल्कि श्रमिकों के हित में किए जाने वाले कार्यों से होती है।
उन्होंने श्रमिकों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और एक-दूसरे के सुख-दुःख में साथ खड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि एकजुट श्रमिक समुदाय अपने अधिकारों और सम्मान के लिए मजबूत आवाज बन सकता है।
पूजा-अर्चना के साथ दिया श्रमिक एकता का संदेश
विश्वकर्मा जयंती समारोह में पूजा-अर्चना के साथ श्रमिकों ने “श्रम का सम्मान, हुनर का सम्मान और श्रमिक का सम्मान” का संदेश दिया। उपस्थित पदाधिकारियों एवं श्रमिकों ने भविष्य में श्रमिक हित से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों, सामाजिक गतिविधियों और अन्य आयोजनों में आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों में उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। समारोह का समापन भगवान विश्वकर्मा के जयघोष के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित श्रमिकों ने एकता, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
“हक की आवाज हम हैं—श्रमिक एकता, सम्मान और अधिकार के लिए सदैव तत्पर।”

